उत्सव

 

संस्था द्वारा प्रतिवर्ष मुख्य रूप से पांच महोत्सव मनाये जाते है:-

 १- श्री गुरूपूर्णिमा महोत्सव

२-श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

३-श्री महासमाधि महोत्सव

४-श्री महाशिवरात्री महोत्सव

५-श्री रामनवमी महोत्सव

प्रतिदिन त्रिकालीन पूजा अर्चना एवं प्रतिगुरूवार सामूहिक पूजा का आयोजन आनंददायी होता है। इस हेतु प्रति पूजार्थी मात्र ३०/- पूजा शुल्कदक्षिण निर्धारित है।वर्ष में दो बार संस्था द्वारा भोग प्रसाद (भंडारे) का आयोजन क्रमश:वासंतीय एवं शारदीय नवरात्र में होता है। प्रतिवर्ष श्री रामनवमी के दिन संस्था की वार्षिक आम सभा की पारंपरिक रूपसे आयोजित होती है।उल्लेखनीय है कि वर्तमान में संस्था को आजीवन सदस्य संख्या १३६३ है। जोसम्पूर्ण भारत वर्ष का प्रतिनिधित्व करती है।एक निर्धारित फार्म के माध्यम से मात्र रूपये २५१/- शुल्क प्रदान कर कोई भी भारतीय नागरिक (स्त्री पुरूष) आजीवन सदस्य बनने का गौरव एवं अवसरप्राप्त कर सकते है। विशेषता यह है कि यहां बाबा के जीवन दर्शन, आदर्श व सिद्धान्त के तहत धर्म-जाति संप्रदाय का भेद नहीं है।

मानवता एक धर्मतो सबका मालिक एक !

आवश्यकता केवल श्रद्धा भक्ति व सबुरी की है !